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Friday, June 22, 2007

चाणक्य नीति

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१.हाथी से हजार,घोड़े से सौ और सींग वाले पशु को देखकर दस हाथ पहले ही सावधान होकर उसकी राह से हट जाना चाहिऐ पर दुर्जन को देखकर देश * ही छोड़ देना चाहिऐ ।
*लेखक की दृष्टि से वर्तमान समय में देश से आशय स्थान, निवास और क्षेत्र विशेष से भी हो सकता है।
*यहां सावधानी इसीलिये रखने के लिए कही गयी है कि पशु कभी भी आक्रमण कर सकता है।

२.हाथी को अंकुश से, घोडा को चाबुक से और सींग वाले पशु को डंडे से और दुर्जन को अपनी तलवार से दण्डित* करना चाहिए।

*लेखक की दृष्टि से तलवार से दण्ड से वर्तमान समय में अपनी शक्ति और बुद्धि के अनुसार दुष्ट से व्यवहार करने से है। अगर यह लगे कि कोई व्यक्ति दुष्टता पर आमादा है तो उसे वाणी और व्यवहार से भी दण्डित किया जा सकता है।

1 comment:

विशेष said...

हा हा हा. बहुत अच्‍छे.

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