समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढ़ें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका


हिंदी मित्र पत्रिका

यह ब्लाग/पत्रिका हिंदी मित्र पत्रिका अनेक ब्लाग का संकलक/संग्रहक है। जिन पाठकों को एक साथ अनेक विषयों पर पढ़ने की इच्छा है, वह यहां क्लिक करें। इसके अलावा जिन मित्रों को अपने ब्लाग यहां दिखाने हैं वह अपने ब्लाग यहां जोड़ सकते हैं। लेखक संपादक दीपक भारतदीप, ग्वालियर
Showing posts with label चाणक्य-नीति. Show all posts
Showing posts with label चाणक्य-नीति. Show all posts

Wednesday, June 27, 2007

चाणक्य नीति:सांप के साथ रहना ज्यादा अच्छा

NARAD:Hindi Blog Aggregator
दुर्जन और सांप के साथ रहना एक जैसा दुखदायी होता है, और दोनों में से एक के साथ मजबूरीवश रहना भी पडे तो दुर्जन के साथ रहने की अपेक्षा सांप के साथ रहना ज्यादा अच्छा है। क्योंकि सांप तो अपने जीवन पर संकट आने पर ही काटता है , पर दुष्ट तो समय-असमय और कारण-अकारण कष्ट देने के लिए प्रयास करता है। दुर्जन द्वारा पहुंचायी गयी पीडा सर्पदंश से ज्यादा खतरनाक होती है। इसीलिये दुर्जन से कोई संबंध नहीं रखना चाहिऐ, वह कभी भी विश्वासघात कर सकता है।

विशिष्ट पत्रिकायें