समस्त ब्लॉग/पत्रिका का संकलन यहाँ पढ़ें-

पाठकों ने सतत अपनी टिप्पणियों में यह बात लिखी है कि आपके अनेक पत्रिका/ब्लॉग हैं, इसलिए आपका नया पाठ ढूँढने में कठिनाई होती है. उनकी परेशानी को दृष्टिगत रखते हुए इस लेखक द्वारा अपने समस्त ब्लॉग/पत्रिकाओं का एक निजी संग्रहक बनाया गया है हिंद केसरी पत्रिका. अत: नियमित पाठक चाहें तो इस ब्लॉग संग्रहक का पता नोट कर लें. यहाँ नए पाठ वाला ब्लॉग सबसे ऊपर दिखाई देगा. इसके अलावा समस्त ब्लॉग/पत्रिका यहाँ एक साथ दिखाई देंगी.
दीपक भारतदीप की हिंद केसरी पत्रिका


हिंदी मित्र पत्रिका

यह ब्लाग/पत्रिका हिंदी मित्र पत्रिका अनेक ब्लाग का संकलक/संग्रहक है। जिन पाठकों को एक साथ अनेक विषयों पर पढ़ने की इच्छा है, वह यहां क्लिक करें। इसके अलावा जिन मित्रों को अपने ब्लाग यहां दिखाने हैं वह अपने ब्लाग यहां जोड़ सकते हैं। लेखक संपादक दीपक भारतदीप, ग्वालियर
Showing posts with label शेर-ओ-शायरी. Show all posts
Showing posts with label शेर-ओ-शायरी. Show all posts

Friday, May 18, 2007

विरोधाभास में जीते लोग

NARAD:Hindi Blog Aggregatorअपनों से दूर होते लोग
रिश्तो की डोर को तोड़ते लोग
करते हैं प्यार की बात
समाज मैं एकता की पहल
जोड़ नहीं पाते घर के दिल
तोड़ नही पाते अपने दायरे
करते है दुनिया में शांति की बात
मन मन में लेकर अशांति
जो पास नहीं है उसे बांटने की बात
केवल शब्द ही तो खर्च करना है
जो धन संचय किया
उसे कोई नहीं बाँटता
छिपाने के लिए
लगाता है पूरी ताक़त
अपनी जिन्दगी लगाता है
घर का खजाना भरने में
नारे लगाते है
गरीबी हटाने के लोग
------------------------
कहने के लिए कुछ भी कहना है
कौन याद रखता है कि
हमने कब कहा क्या था
जो कहा उस राह कौन चलना है
ऐसे ही विरोधाभास में जीते लोग
सवाल सब करते है
जवाब से करते परहेज
अपने शब्द बाण से
दुसरे को घायल करते
अपने घायल होने पर
कराहते लोग
कथनी और करनी में
नहीं रखते अंतर तो
क्यों हैरान होते लोग
------------------------

विशिष्ट पत्रिकायें